उनकी प्रयोगशाला, जो पेन्न में है, विजय कुमार और उनके साथीदार बना रहे हैं - उड़ने वाले चार-रोटर, छोटे, चुस्त रोबोट के झुंड, जो एक दुसरे की प्रस्तुति को जान सकते है , और अन्य तदर्थ टीमें बना सकते हैं -- निर्माण, सर्वेक्षण आपदाओं और कहीं अधिक उपयोगों के लिए |

