पुरातत्वविदों ने प्राचीन विश्व भर में खिलौनों के भौतिक, दृश्य और लिखित प्रमाण पाए हैं। 3000 ईसा पूर्व अनातोलिया में, छोटे खिलौने वाली गाड़ियाँ मिट्टी में दौड़ती थीं। एक हजार साल बाद सिंधु घाटी में, एक छोटा बच्चा मिट्टी की सीटी की आवाज़ सुनकर खिलखिला रहा था। तो, इतिहास में और कौन-कौन से खिलौनों ने हमें आनंदित किया है? खिलौनों, खेलों और खेल परंपराओं की प्राचीन उत्पत्ति का पता लगाएँ।
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