क्या कम होते संसाधनों और बढ़ती असमानताओं की स्थिति में हम किसी अर्थव्यवस्था को "स्वस्थ" कह सकते हैं? अगर हम अंतहीन विकास की अपनी लत को छोड़ दें, और आधुनिक समृद्धि के लिए एक नए तरीके या कम्पास का इस्तेमाल करें, तो क्या होगा? ऐसे एक कम्पास को "डोनट अर्थव्यवस्था" कहते हैं, जिसका उद्देश्य पृथ्वी की पारिस्थितिक सीमाओं को पार किए बग़ैर लोगों की ज़रूरतों को पूरा करना है। जानिए कि यह मॉडल कैसे हमारी आर्थिक प्रणालियों को नया रूप देता है। [निर्देशन - विसेंटे नीरो, एआईएम क्रिएटिव स्टूडियो, वाचन - केट रेवर्थ और जॉर्ज ज़ैदान, संगीत -आंद्रे आयर्स]
