राजनीति पंडित सैली कोह्न कहती है कि समय आ गया है कि रूढिवादी और उदारवादी लोग अपने राजनैतिक फ़ासले भूलें और एक दूसरे की बात सुनें।
इस आशा से भरे भाषण में, कोह्न बताती हैं कि उन्होंने प्रगतिवादी लेस्बियन वक्ता के रूप में फ़ॉक्स न्यूज़ में काम करके क्या सीखा।
वो कहती हैं कि राजनैतिक रूप से उचित होने से ज्यादा ज़रूरी है भावनात्मक रूप से सही होना।
