हमारे उत्कृष्टतम तथा निकृष्टतम निजत्व (Self) का जीव-विज्ञान
मानव इतने करुणामय तथा सहानुभूतिमय - और साथ ही इतने क्रूर और हिंसक कैसे हो सकते हैं?हम जो करते हैं, वैसा क्यों करते हैं, यह जानने के लिए तंत्रिकाविज्ञानी रॉबर्ट सापोल्स्की किसी घटना के पूर्व के - क्षणों से लेकर लाखों वर्षों तक फैले हुए चरम परिपेक्ष्यों पर ध्यान देते हैं। हमारे व्यवहार के लिए उत्तरदायी जीव-विज्ञान के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट खोज को वे हमारे सम्मुख प्रस्तुत करते हैं।

