क्या होता है जब प्रौद्योगिकी हमारे बारे में हमारे बारे में अधिक जानती है? पाॅपी क्रम अध्ययन करती हैं कि हम भावनाओं को कैसे व्यक्त करते हैं - और सुझाती हैं कि बनावटी चेहरे का अंत निकट है, क्योंकि नई प्रौद्योगिकियां संकेतों को समझना आसान बनाती हैं जो हमें बताती हैं कि हम कैसा महसूस कर रहे हैं। एक टॉक एंड टेक डेमो में, वह दिखाती हैं कि कैसे "सहानुभूतिपूर्ण तकनीक" शारीरिक भावनाओं जैसे शरीर के तापमान और हमारी सांस की रासायनिक संरचना को हमारी भावनात्मक स्थिति बताने पढ़ सकती है, बेहतर या बदतर के लिए। "अगर हम तकनीकी भावनाआें की शक्ति को पहचानते हैं, तो हमारे लिए माैका है जहां प्रौद्योगिकी हमें भावनात्मक और संज्ञानात्मक विभाजन का पुल करने में मदद कर सकती है।"
