क्या होगा जब हम जिस तरह से खरीद बेच और भुगतान करते है उसके तरीका बदल जाए तो शायद बैंकों या मुद्रा विनिमय ब्यूरो की आवश्यकता को भी दूर हो जाए? यह बिटकॉइन और एथेरियम जैसी क्रिप्टोकरेंसी द्वारा संचालित दुनिया का कट्टरपंथी वादा है। हम अभी तक वहाँ नहीं हैं, लेकिन इस चर्चित बातचीत में, डिजिटल मुद्रा शोधकर्ता नेहा नरुला ने पैसे के सामूहिक कल्पना का वर्णन किया है - और एक बहुत ही अलग दिखने वाले भविष्य की तस्वीर पेश करती है।
