खौफनाक घटनाएं कैसे सकारात्मक बदलाव को जन्म देती हैं
दुनिया में कई खौफनाक घटनाएं घटित हो रही हैं - भयानक तूफ़ान, आतकवादी हमले, हजारों प्रवासियों का पानी में डूब जाना, खुलेआम उच्चता आंदोलनों का बढ़ना इत्यादि. क्या बारंबार आनेवाली मुसीबतों को हम सही ढंग से उत्तर दे रहे हैं? लेखक एवं आन्दोलानकर्ता नाओमी क्लीन ये अध्ययन करती हैं की कैसे सरकारें इन बड़े झटकों का इस्तेमाल समाज को पीछे धकेलने के लिए करती हैं. वे कुछ सुझाव साझा कर रही हैं - "द लीप" में से - जो एक घोषणापत्र है, जिसको उन्होंने ज्येष्ठ नागरिकों, पर्यावरणविदों, यूनियन नेताओं और अनेक पृष्ठभूमियों से आने वाले लोगों के साथ मिलकर बनाया है - जो ऐसे विश्व की कल्पना करता है, जिसमे अर्थव्यवस्था साफ़ और समाज न्यायपूर्ण है. "इन खौफनाक घटनाओं से पैदा होने वाला डर हमको और समाज को परिवर्तित कर सकता है" क्लीन कहती हैं "लेकिन पहले हम सबको मिलकर ऐसे विश्व की कल्पना संजोनी पड़ेगी, जैसा हम इस दुनिया को देखना चाहते हैं."

