मैल्कम लंदन: "हाई स्कूल में ट्रेनिंग ग्राउंड"
युवा कवि, शिक्षक और कार्यकर्ता मैल्कम लंदन उच्च विद्यालय के मोर्चे तर्ज पर जीवन के बारे में भावप्रवण कविता पाठ करते हैं. उन्होंने "किशोरावस्था के महासागरों" के बारे में कहते हैं जो स्कूल में आते हैं "लेकिन, तैरना कभी नहीं सीखते" की "मर्दानगी का मजाक पिता के बिना पले पुरुषों द्वारा उड़ाया जाता है". सुंदर, गेय, द्रुतशीतन.
