लव्वी अजेयी अपने मन की बात कहने से या भीड़ में विरोध की पहली आवाज़ बनने से डरती नहीं, और ना ही आपको डरना चाहिए। "आपकी ख़ामोशी से किसी का भला नहीं होता," लेखिका, कार्यकर्ता और स्वयं-घोषित पेशेवर उपद्रवी का कहना है। इस उज्ज्वल, उत्साही भाषण में, अजेयी अपने आप से तीन प्रश्न पूछने के लिए कहती हैं जब आप बोलने या शांत रहने के बीच में निर्णय ना ले पा रहे होंः--- और हम सभी को असुविधाजनक होने में थोड़ी सुविधा महसूस करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
