हम आर्थिक संकटों के लिए व्यक्तियों को क्यों दोश देते हैं?
२००८ में वैश्विक वित्तीय संकट ने लातविया का विनाश कर दिया था।जैसे ही बेरोज़गारी बड़ी, सरकार ने लोक निधि खतंम कर दी और टैक्स बड़ा दिये, धनवान और बड़े व्यवसायों को राहत प्रदान करी--यह सब बिना जनता के संघर्ष के किया गया। समाजशास्त्री लिएन ओज़ोलीना ने परीक्षण कीया कि कैसे लातवियाई अधिकारियों ने अपने लोगों को देश की असफल अर्थव्यवस्था की ज़िम्मेदारियों के लिए मनाया, और दुनिया भर में असमानता को बनाए रखने वाली समान सामाजिक नीतियों के उदय पर प्रकाश डाला।

