लेज़्ली हैज़ल्टन ने एक दिन क़ुरान पढ़ना शुरु किया. और इस्लामी पवित्र पुस्तक में एक अ-मुस्लिम स्व-घोषित 'पर्यटक' के रुप में उन्होंने जो पाया, उसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी. टैड एक्स रेईनर के इस मिथक तोड़ने वाले संभाषण में अपने गहरे पाण्डित्य और उदाक्त रसबोध के साथ हैज़ल्टन अपने अनुभव किए सौंदर्य, उदारता और रहस्यमयता को बांटती हैं.

