क्यों मैं "साहसी" बनने की इस कोशिश से तंग आ चुका हूँ
जस्टिन बाल्डोनी मर्दानगी को पुन: परिभाषित करने के लिए पुरुषों के साथ एक संवाद की शुरूआत करना चाहते हैं -- ऐसे तरीके ढूंढने के लिए ताकि अच्छे पुरुष ही नहीं बल्कि अच्छे मनुष्य बन पाएँ। एक हार्दिक निजी वार्ता में, वह अपने प्रयास के बारे में बताते हैं ताकि वह वास्तविक में जो हैं और जो संसार उन्हें बनाना चाहता है के बीच समन्वय ला सकें। और वह पुरुषों को एक चुनौति देते हैं: "अपने अंदर तक झांकने में आप उन सभी गुणों को प्रयोग करें जिनसे आपको लगता है कि आप मर्दानगी महसूस करते हैं।" बाल्डोनी कहते हैं, "आपकी ताकत, आपका साहस, आपकी मजबूती: क्या आपमें इतना साहस है कि संवदनशील बन सकें? क्या आपमें इतना साहस है कि कमज़ोर बन पाएँ? क्या आपमें इतना आत्मविश्वास है कि आपके जीवन में जो महिलाएँ हैं उनकी बात सुन सकें?

