"आप तो जानते ही हैं मेरा क्या मतलब है?" महान कवि, गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख़्तर पूछते हैं कि क्यों ऐसा लगता है कि हम शब्दों के इस्तेमाल की अपनी शक्ति खो रहे हैं... और यह जादुई उपकरण जो हमारी संस्कृति को पीढ़ियों तक ले जाता है, उसके प्रयोग से एक-दूसरे को समझने और बातचीत करने के लिए प्रेरित करते हैं।

