जैकलीन नोवाग्रात्ज़: अनुदान के बारे में सोचने का तीसरा तरीका
बहस में तकरार अक्सर अनुदान में विश्वास खो चुके लोगों और बाज़ारों में विश्वास खो चुके लोगों में होती है। जैकलीन नोवाग्रात्ज़ एक बीच का रास्ता सुझाती हैं जिसे वो धैर्यवान पूँजी कहती हैं, और उदाहरण देती हैं सामाजिक बदलावों का जो कि उपक्रमों द्वारा लिये गये नये मार्गों के चलते हो सके।

