यौन उत्पीड़न के बारे में हम ऑनलाइन किस तरह बात करते हैं।
लेखक और कर्मठ कार्यकर्ता बताती हैं, कैसे हमें सामाजिक जनसंचार (सोशियल मीडिया) को सामाजिक न्याय के लिए प्रयोग करने के लिए, एक अधिक संवेदनशील तरीके की ज़रूरत है। लन्दन में एक बार यौन उत्पीड़न का शिकार होने के बाद, वेल्स ने अपने हमलावर के लिए एक पत्र एक छात्र अख़बार में प्रकाशित किया जो आग की तरह फैल गया और जिससे यौन हिंसा और पीड़ित को दोष देने के विरुद्ध #मैंदोषीनहीं (#NotGuilty) आन्दोलन आरम्भ हुआ। भावुक कर देने वाले इस भाषण में, वो बताती हैं कैसे अपनी निजी कहानी लोगों को बताने से दूसरों को आशा मिली और ऑनलाइन शर्मिंदा करने की संस्कृति के विरुद्ध एक शक्तिशाली सन्देश देती हैं।
