क्या फ़ोटोग्राफ़ी आपसे लम्हे का अनुभव छीन लेती है?
जब हम कुछ अद्भुत देखते हैं, हमें फ़ोन निकालकर तस्वीर लेने की तलाभ मचती है। क्या हमारे फोटोग्राफी की इस लत का प्रभाव हमारे अनुभवों पे पढ़ रहा है? एक ध्येय भाषण में ऐरिन सुल्लिवन
विचरती हैं, कैसे वे अपने लैन्स का समझदारी से उपयोग करके एक लम्हे का अधिक आनंद ले पाती हैं -- और आपको ऐसा करने में मदद करतीं हैं।
