2014 में एरिका चेऊंग ने एक ख़ोज की जिससे उनकी नियोक्ता कंपनी थेरानॉस बंद हो गई, और उसकी संस्थापक एलिजाबेथ होम्स की प्रतिष्ठा धूमिल हो गई. थेरानॉस एक ऐसी तकनीक पर काम कर रही थी जो उनके अनुसार चिकित्सा क्षेत्र में क्रांति लाने वाली थी. सच को सामने लाने का निर्णय एक महत्वपूर्ण पाठ साबित हुआ कि व्यक्तिगत एवम् व्यावसायिक क्षेत्र में नैतिक द्वंद आने पर कैसे संभाला जाए. स्पष्टवादिता एवम् विनम्रता के साथ चेउंग अपने अनुभव साझा करती हैं कि किस प्रकार से उन्होंने सच को सामने लाया. साथ ही वे एक नैतिक रुपरेखा भी बताती हैं जो कि ऐसी परिस्थिति में मददगार साबित हो सकती है.
