एमन मोहम्मद गाज़ा पट्टी में कुछ चुनी हुई महिला छायाकारों में से एक हैं . खुले तौर पर अपने पुरुष सहकर्मियों के द्वारा अस्वीकार किये जाने के बावजूद, उन्हें उन क्षेत्रों में बेमिसाल प्रवेश मिला जहाँ पुरुषों का जाना निषेध था. इस संक्षिप्त सम्भाषण में उन्होने, छिपी कहानियों को प्रकाश में लाकर अपने समुदाय में प्रचलित लिंग मानदंड की आलोचना की है.

