क्या जानवरों को दुख महसूस होता है? -बारबरा जे किंग
वर्ष 2018 में टैलाक्वाह नाम की एक ऑर्का ने जन्म दिया। लेकिन उसकी बेटी की एक घंटे में मृत्यु हो गई। फिर भी, टैलाक्वाह उसके शव के पास ही रही। अगले 17 दिन और 1,600 किलोमीटर तक, उसने शव को अपने शरीर पर रखा। अपने भोजन और यात्रा के तरीकों में बदलाव कर के, टैलाक्वाह का व्यवहार निश्चित रूप से असामान्य था। लेकिन क्या वे शोक मना रही थी – या सिर्फ़ भ्रमित थी? बारबरा जे किंग पता लगा रही हैं कि क्या ग़ैर-मानव जानवर दुख महसूस करते हैं। [निर्देशन – डेनिस चैपॉन, द एनिमेशन वर्कशॉप, सूज़न ज़िमरमैन का वाचन, सेम मिसिरलियोग्लू का संगीत]
