खगोलशास्त्री आओमावा शील्ड्स सौर मंडल से बाहर दूर के ग्रहों के वातावरण की जांच के द्वारा ऐसे सुराग ढूंढ रही हैं कि ब्रह्माण्ड में कहीं और भी जीवन है। जब वह आकाश में खोज नहीं कर रही होतीं ,तब वह पारम्परिक रूप से प्रशिक्षित कलाकार [और टेड सदस्य] युवतियों को विज्ञानं में संलग्न करने के लिए नाट्यकला,लेखन और दृश्य कला का प्रयोग करती हैं। वह कहती हैं,"शायद एक दिन यह भी उन खगोलशास्त्रियों की श्रेणियों में जुड़ जाएँगी जो अंतर्विरोधों से भरे हुए हैं। और अपनी पृष्ठभूमि का प्रयोग करके ,खोज लें कि हम सच में ब्रह्माण्ड में अकेले नहीं हैं। "
