लोग चैटजीपीटी जैसे क्यों बोलने लगे हैं?
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Adam Aleksic |
TEDNext 2025
• November 2025
शब्दों के इतिहासकार एडम अलेक्सिक कहते हैं कि एल्गोरिदम और एआई सिर्फ हकीकत नहीं दिखाते, बल्कि उसे ऐसे ढंग से तोड़-मरोड़ते हैं जिससे लोगों के शोषण से मुनाफा कमाने वाले प्लैटफ़ॉर्मों को लाभ होता है। चैटजीपीटी के हमारे शब्द-चुनाव पर असर से लेकर स्पॉटिफ़ाई द्वारा आँकड़ों के एक समूह को नई संगीत-विधा में बदल देने तक, वे बताते हैं कि नई तकनीक अनजाने में हमारी भाषा, रुझानों और पहचान-बोध को कैसे आकार देती है। “ये निष्पक्ष औज़ार नहीं हैं,” वे कहते हैं और हमें बार-बार पूछने को प्रेरित करते हैं: मुझ पर किस तरह असर डाला जा रहा है?
